दैनिक राष्ट्रसाक्षी और डीआरएस न्यूज़ 24 वेब न्यूज़ चैनल में प्रमुखता से छपी खबर का हुआ बड़ा असर

अयोध्या। डीआरएस न्यूज़ 24 वेब न्यूज़ चैनल में लोकप्रिय समाचार पत्र दैनिक राष्ट्रसाक्षी में शीर्षक “राम मंदिर की व्यवस्था पर मंदिर के प्रधान पुजारी सत्येंद्र दास ने खड़े किए कई सवाल” का प्रदेश की योगी सरकार पर हुआ बड़ा असर भगवान राम की नगरी अयोध्या में रामलला के अस्थायी मंदिर के पुजारियों और कर्मचारियों को योगी सरकार ने बड़ा तोहफा दिया हैं कई महीनों से रामलला के अस्थायी मंदिर के पुजारियों और कर्मचारियों द्वारा वार्षिक भत्ता बढ़ाने को लेकर मांग चल रही थी, जो अब पूरी हो गई है। मंडलायुक्त अयोध्या द्वारा पुजारियों और कर्मचारियों के वार्षिक भत्ते में इजाफा कर दिया गया है अस्थायी मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास हाल ही में भत्ते में अपर्याप्त वार्षिक वृद्धि पर नाराजगी व्यक्त करने के लिए अयोध्या के मंडलायुक्त से मिले थे।
योगी सरकार ने अयोध्या में अस्थायी राम मंदिर के पुजारी और अन्य कर्मचारियों के भत्ते में वृद्धि को लेकर असंतोष पर विचार किया और अयोध्या के मंडलायुक्त मनोज मिश्रा ने अस्थायी मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास को भत्तों में वृद्धि का आश्वासन देने के साथ ही भत्ता में इजाफा किया है आचार्य सत्येंद्र दास हाल ही में नौ सदस्यीय कर्मचारियों के लिए वार्षिक भत्ते में अपर्याप्त बढ़ोतरी पर नाखुशी जताई थी इसके बाद प्रधान पुजारी के भत्ते में 1,000 रुपए प्रतिमाह की बढ़ोत्तरी की गई थी, जबकि स्टाफ के शेष आठ सदस्यों को 500 रुपए प्रतिमाह की बढ़ोतरी की गई। अब मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास को 13,000 रुपए हर महीने वेतन के रूप में मिलेगा इनके वेतन में हजार रुपए की वृद्धि की गई है उपायुक्त मनोज मिश्रा के अनुसार दूसरे पुजारियों के वेतन में भी 500 रुपए की वृद्धि की गई है इन पुजारियों का वेतन 7500 से लेकर 10,000 के बीच है। मंडलायुक्त अयोध्या में विवादित स्थल के रिसीवर हैं मनोज मिश्रा ने कहा कि प्रसाद के लिए वार्षिक भत्ता, जो रोजाना मंदिर में पूजा अर्चना के बाद चढ़ाया जाता है, उपयुक्त रूप से बढ़ा दिया जाएगा अब मंदिर के अन्य व्यय का खर्च 26200 से बढ़ाकर प्रतिमाह 30000 रुपए कर दिया गया है। अब रामलला के भोग, कपड़े आदि के लिए रोज 1000 रुपए दिए जाएंगे रामलला मंन्दिर के पुजारी सत्येंद्र दास का कहना है कि राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा करीब 6 लाख रुपए हर महीने का चढ़ावा चढ़ाया जाता है, लेकिन मंदिर की व्यवस्था पर केवल 93 हजार रुपए ही हरमाह खर्च किए जाते हैं उनका कहना है कि विवादित परिसर के रिसीवर अयोध्या के मंडलायुकत हैं उनसे खर्च में बढ़ोत्तरी की मांग पर बस एक ही जवाब मिलता है कि कोर्ट के आदेश की सीमाओं में रहकर ही खर्च की राशि बढ़ाने का अधिकार है इसलिए चार हजार रुपए से ज्यादा सालाना बढ़ोत्तरी नहीं कर सकते हैं। वह कोर्ट की सीमाओं से बाहर नहीं जा सकते हैं।

रिपोर्ट संतोष कुमार यादव
डीआरएस न्यूज़ नेटवर्क

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